The Bridge

The Bridge
My Photographic Eyes says: Be like a bridge and don't be a rift

Sunday, August 1, 2010

VOICE AGAINST DOWRY

किसने बनाई है?
एक और नारी की बलि दी है समाज ने
उसका शोषण किया था हमने आपने,

आखिर वह भयंकर खेल को रचा कीने
कहते है यह सृष्टि इश्वर ने रचाई है

तो क्या यह प्रथा इश्वर ने बनाई है
जिसने भी बनाई है,आज मैं उससे कुछ पूछना चाहती हूँ

क्यूँ किया जाता है नारी का शोषण
जब उसे देवी मन जाता है?

क्यों उसे जूती व पैरो की धूल मानकर अपमानित किया जाता है?
कहते है देवी के चरणों में स्वर्ग होता है
तो फिर क्यों उसे जुल्म के आगे झुकना होता है?

यह नियम बताओ ,क्यों सिर्फ नारी पर लागु है?
क्यों शुरू से नारी को पराया माना जाता है

नारी के साथ शादी में दहेज़ क्यों दिया जाता है?
यह सौदा तो बिलकुल गलत किया जाता है
सब कुछ उन्हें फ्री में ही मिल जाता है

पर असंतोषी लोग फिर  भी नारी की भेट चढाते है
लक्ष्मी की पूजा में लक्ष्मी को ही जलाते है

मत भूलो जो दीपक घर में रौशनी फैलता है
कभी वो दीपक घर को जला भी सकता है

इस आग को आगे बढ़ने से रोकना होगा
नहीं तो जल्द ही समाज आग की
भयंकर दहेज़ प्रथा की लपेटो में होगा

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