The Bridge

The Bridge
My Photographic Eyes says: Be like a bridge and don't be a rift

Sunday, August 1, 2010

HITTING THE CONSCIOUS OF TERRORIST

किसने फैलाई ये आग
तुमने मैंने या हमने लगा दिया ये दाग

तुम जैसे लोग धरती पर बोझ है
जो अपने स्वार्थ के लिए खून करते रोज़ है

तुम्हे किसी का खून बहाने का कोई अधिकार नहीं है
क्युकी तुमने खुद अपना खून किसी के लिए बहाया नहीं है

हिंसा से किसी का क्या भला हुआ है
जो आज तुमने ये मार्ग चुना है

शायद तुम सबका बुरा चाहते हो
इसलिये तुम किसी को विधवा ,तो किसी को अनाथ बनाते हो

तुमने बहुत लोगो का खून किया है
पर तुम्हे याद नहीं है की तुमने रोज़ अपनी आत्मा व अपने ज़मीर का खून किया है

अगर तुम पूरी तरह से राक्षश नहीं बने हो तो
अपनी इंसानियत का परिचय दो

तुमने जितने परिवारों को तोडा है
आज तुम उन्हें जोड़ने का प्रयास करो

फिर देखो जो खुसी तुम्हे हिंसा से नहीं मिल पाई थी
वो तुम्हे कितनी आसानी से मिल जाएगी

जो आग तुमने फैलाई थी,उस आग से तुम आज आतंक को जला दो
अपने दमन से यह बदनुमा दाग तुम आज मिटा दो

2 comments:

  1. mind blowing ..its too good..keep it up!!!

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  2. I RAISED VOICE ON PURPOSE ,HOPE IT WILL GO FAR........THANKS FOR ENCOURAGEMENT .I REALLY NEED IT.

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